न्यूज़ डेस्क : इटली के बोलोग्ना शहर में एक जमींदार परिवार में जन्म लेकर डॉ काउंट सीजर मैटी साहब ने विश्व को नई चिकित्सा पद्धति इलेक्ट्रो होम्योपैथी पीड़ित मानवता के रक्षार्थ सौगात दिया । लिम्फ और ब्लड को शुद्ध कर बिना कोई साइड इफेक्ट के बॉडी ओर्गेंस को स्टिमुलेट कर बीमारियों को समूल नष्ट करने वाली इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को देश में अब तक पूर्णरूप से शासकीय मान्यता न मिलना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उक्त बातें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी के तत्वावधान मे इंस्टीच्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइन्स नारायणपुर के कार्यालय में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के आविष्कारक डॉ काउंट सीजर मैटी की 213वीं जयन्ती के अवसर पर माल्यार्पित करते हुए इंस्टीच्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइन्स के निदेशक डॉ सुभाष कुमार विद्यार्थी नें कहा। अधिवक्ता सह जद यू नेता रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि डॉ मैटी साहब वास्तव में एक महामानव थे जिनके द्वारा आविष्कृत चिकित्सा पद्धति से आज देश में लाखों चिकित्सक जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सेवा दे रहे हैं। राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक मधुर मिलन नायक ने कहा कि डॉ मैटी साहब वाकई में महापुरुष हैं जिन्होंने पूर्णतया वनस्पतियों पर आधारित प्राकृतिक इलेक्ट्रो होम्योपैथी की खोज की और आज इनकी दवाई से अनगिनत लोग स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इन्होंने युवाओं से इलेक्ट्रो होम्योपैथी का प्रशिक्षण लेकर सम्मानजनक स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। इस अवसर पर डॉ सुधांशु कुमार , डॉ सुबोध कुमार मिश्रा , डॉ पुष्पराज कुमार , डॉ उमेश कुमार मौजूद थे।


