अहमदाबाद/गुजरात : 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CCRAS), अहमदाबाद द्वारा लकुलीश योग विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक (अष्टांग योग विभाग) एवं पूर्वी दिल्ली गांधी नगर के गौरव डॉ. दिव्यांश जैन को योग विशेषज्ञ के रूप में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. दिव्यांश जैन ने संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP), प्राणायाम, ध्यान एवं तनाव प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि एवं आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली एक संपूर्ण जीवन-पद्धति है।
अपने संबोधन में डॉ. जैन ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व भारतीय योग परंपरा की शक्ति को स्वीकार कर रहा है। योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक उद्देश्य केवल रोगों से मुक्ति नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता, आत्मविश्वास एवं आंतरिक आनंद की स्थापना करना है।
डॉ. जैन ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग एवं ध्यान को समर्पित करे, तो स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास अपनाने तथा योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिव्यांश जैन ने संस्थान की निदेशक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. किरण विनायक काले, प्रभारी सहायक निदेशक, क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अहमदाबाद का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस गरिमामय आयोजन में योग विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दिव्यांश जैन योग शिक्षा, योग चिकित्सा, ध्यान एवं तनाव प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर योग के वैज्ञानिक स्वरूप को प्रस्तुत किया है तथा युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों में योग के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम का समापन “योग से स्वस्थ मानव, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र” के संकल्प के साथ हुआ।


