संवाददाता- निरंजन कुमार,गया
गया/डोभी । डोभी प्रखंड के रहने वाले योगी मंडल का शव गुरुवार की दोपहर निलांजना (फल्गु) नदी पर बने घोड़ाघाट डैम में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी पसर गई। योगी मंडल बुधवार की दोपहर से ही घर से लापता था। घरवालों का कहना है कि योगी की किसी से दुश्मनी नहीं थी।
बावजूद इसके उसकी मौत कैसे हुई, इस पर रहस्य बना है। मृतक का शव झारखंड के क्षेत्र में आने वाली हंटरगंज की पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई है। इधर डोभी थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी प्रकार की कोई तहरीर पीडि़त पक्ष की ओर से नहीं आई है। बावजूद इसके पुलिस मामले की छानबीन में अपने स्तर से जुटी है। योगी मंडल की उम्र 45-50 बताई जा रही है। योगी मंडल पंचायत चुनाव में वार्ड सदस्य के लिए चुनाव की तैयारी में था।
चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ने के लिए वह लगातार लोगों के संपर्क में था। वह अपने क्षेत्र में हर दिन लोगों से मिल कर संपर्क स्थापित कर रहा था। इसी बीच बुधवार की दोपहर वह गांव से लापता हो गया। देर शाम तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो उसके घरवालों की चिंता हुई। वे गांव के लोगों के साथ उसकी तलाश में जुटे
पर कहीं कुछ भी पता नहीं चल सका। इसी बीच बुधवार से गुरुवार हो गया तो दोपहर को घोड़ा घाट डैम से सूचना मिली कि योगी मंडल का शव डैम में फंसा है। डैम पर नियुक्त कर्मचारियों ने बताया कि पानी बढ़ता देख डैम को खोलने के लिए गए तो पानी के छोड़े जाने के साथ ही एक अधेड़ का शव ऊपर छहला गया। जब उसे गौर से देखा तो पता चला कि वह कोई और नहीं, बल्कि योगी मंडल ही है।
इधर योगी मंडल की मौत की खबर से इलाके के लोग सकते में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि डोभी प्रखंड में सातवें चरण में पंचायत चुनाव है। इससे मालूम पड़ता ह
है कही चुनावी माहौल का दांव पेंच तो नही है। इस बीच ऐसी क्या बात हो गई कि उसकी लाश नदी में मिली।


