गया: इसे विडंबना नहीं तो और क्या कहेंगे. देश के किसी भी हिस्से में जब हादसे होते हैं तो उसमें बिहार के रहने वाले मजदूरों की ही मौत होती है. गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है.
बिहार के 6 मजदूरों की मौत: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित एक स्टील प्लांट में बड़ा हादसा हो गया. कोयला भट्टे में विस्फोट हो गया. इसमें बिहार के 6 मजदूरों की मौत हो गई. सभी मृतक गया जिले के रहने वाले हैं. सूचना मिलने के बाद से मृतकों के परिवार में मातम पसरा है. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मृतकों की हुई शिनाख्त: इस हादसे में मारे गए सभी मजदूर गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के साकिन ग्राम गोटीबांध के रहने वाले हैं. मृतकों की शिनाख्त श्रवण कुमार (22 वर्ष), राजदेव कुमार (22 वर्ष), जितेन्द्र (37 वर्ष), बदरी भुइयां (42 वर्ष), विनय भुइयां (40 वर्ष) और सुंदर भुइयां (40 वर्ष) के रूप में हुई है कई मजदूर जख्मी: इसके अलावा इस हादसे में गया के ही कल्पू भुइयां (44 वर्ष) और रामू भुइयां (34 वर्ष) घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घायलों में झारखंड के भी तीन मजदूर शबीर अंसारी (34 वर्ष ग्राम), मुमताज अंसारी (26 वर्ष), शराफत अंसारी (32 वर्ष) घायल हैं.
गांव में मातम: इनमें कुछ मृतकों का संबंध एक ही परिवार से है. ये सभी डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव के रहने वाले हैं. गांव गयाजी और झारखंड की सीमा से सटा हुआ है, घटना की सूचना गांव में पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई. पूरा गांव गहरे शोक में है.
"आज सुबह दुर्घटना हुई है. 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया, 6 की मौत हो गई है. आहत लोगों में ज्यादातर बिहार और झारखंड के निवासी हैं. स्थानीय थाना के माध्यम से उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है. मामले में क्या और किसकी लापरवाही है, इसकी जांच की जा रही है."- भावना गुप्ता, एसपी, बलौदाबाजार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बतायी पूरी कहानी: प्रत्यक्षदर्शी बिहार के जोगेंद्र राम बताते हैं कि हमलोग हेल्पर का काम करते हैं. लोहा वाला से टकराने को बोला गया तो हम टकरा रहे थे. इसी दौरान सुबह 10 बजे के लगभग उसमें से धुंआ उठने लगा. तब साहेब लोग बोले कि भागो-भागो.
हमलोग भागना चालू कर दिए. कुछ ऊपर जाकर रुके तो उनको भी भागने को कहा गया. हमलोग कुल 11 लोग थे, लेकिन अब सिर्फ 3 ही दिख रहे हैं. 8 लोग लापता हैं."- जोगेंद्र राम, बिहार के मजदूर
"हमारा ठोकने वाला काम था तो ठोक रहे थे. गैस निकलने पर साहेब लोग बोले भागो तो हमलोग भागने लगे. लोग अलग-अलग हो गए. एक कूदकर भागा. बाद में पता चला कि कई लोग वहां से नहीं निकल सके. हमलोग 11 लोग थे. 8 गायब हैं."- रामस्वरुप, बिहार के मजदूर
पिता पुत्र की मौत: सुंदर मांझी और उनके पुत्र राजदेव भुइयां की भी मौत हो गई है. पिता पुत्र पिछले रविवार को गए थे. बेटा राजदेव भी शादी शुदा है. उसका 5 महीने का बेटा है, जबकि सुरेंद्र मांझी को 5 पुत्र और एक बेटी है. इस परिवार को मालूम नहीं था कि दो दिनों के अंदर ही इतना बड़ा हादसा होगा और उनकी मृत्यु की सूचन मिलेगी. परिवार का रो रो कर बुरा हाल हैपरिवार को मिली सूचना: परिवार के लोगों को शाम 4 बजे के बाद सूचना मिली थी. मृतक एक दूसरे के करीबी रिश्तेदार भी बताए जाते हैं. डुमरिया प्रखंड के सामाजिक कार्यकर्ता जैदी खान ने बताया कि बड़ी दुखद घटना हुई है एक परिवार के दो लोगों की मौत हुई है. जिला प्रशासन को इनकी सहायता शव को लाने के लिए करना चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद करनी चाहिए."- जैदी खान,सामाजिक कार्यकर्ता
राजदेव मांझी की पत्नी ने बताया कि इसी रविवार को उनके पति अपने पिता के साथ छत्तीसगढ़ मजदूरी के लिए गए थे. उसका 5 महीने का बच्चा है. घर में परिवार चलाने के लिए एक बड़ा सहारा था अब तो मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई है. अगर मालूम होता कि घटना में वह भी शिकार होगा तो हम भूखे रह जाते लेकिन उसे काम करने के लिए नहीं भेजते. बाकी लोग गांव के जो थे, वो 15 दिन पहले ही गए थे."- मृतक राजदेव मांझी की पत्नी


