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मगध विश्वविद्यालय,बोधगया कुलपति को बचाना चाहती है राजभवन द्वारा गठित जांच समिति:- अभाविप। //LIVE NEWS 24

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संवाददाता -निरंजन कुमार,गया

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा पटना हाईकोर्ट में मगध विश्वविद्यालय,बोधगया के कुलपति द्वारा की गई कई अनियमितता एवं कई अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर के पीआईएल किया गया है। जिसके बाद राजभवन ने एक जांच समिति बनाकर कुलपति पर लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए आदेश जारी कि थी, जिसके बाद समिति ने पूरे मामले कि विश्वविद्यालय आ कर जांच भी कि।

इस संदर्भ में मानपुर नगर मंत्री शशि कुमार ने कहा कि राजभवन द्वारा गठित जांच समिति आरोपो की जांच करने नही बल्कि खानापूर्ति करने आई थी जिससे कि जांच समिति कोर्ट को भ्रम में रखे। परिषद के सदस्यों ने जांच समिति के समक्ष आकर कुलपति द्वारा किए गए सारे काले कारनामों को उनके समक्ष रखा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने कि मांग की परन्तु हुआ उल्टा जांच समिति ने पूरे जांच को ही पलट कर कुलपति को बचाने का काम की। समिति में शामिल 2 सदस्यों ने विश्वविद्यालय में क्या जांच की इसकी पूरी जानकारी पीआइएल कर्ता को होनी चाहिए परन्तु अभी तक कोई भी जानकारी पीआइएल कर्ता को नही उपलब्ध कराई गई समिति के सदस्यों के द्वारा।
नगर मंत्री मानपुर ने कहाँ कि जांच समिति द्वारा जांच रिपोर्ट का पूरा विवरण अभी तक पीआइएल कर्ता को प्राप्त नहीं होना समिति के जांच पर प्रश्न खङा करता है, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुलपति को बचाने के लिए जांच समिति ने पूरे जांच को भ्रम में रखकर के जांच की पूरी स्पष्टता नहीं सौंपी है। राजभवन द्वारा गठित जांच समिति में शामिल सदस्य पर खुद ही पीआइएल हो रखा है और कई गम्भीर आरोप है तो फिर कैसे राजभवन ने ऐसे लोगो को जांच समिति का अध्यक्ष और सदस्य बना दिया जो खुद दागी है, एक कुलपति कि जांच एक कुलपति द्वारा किया जाना यह दुर्भाग्य है। जो समिति जांच करने आई वहाँ पूरी तरह मगध विश्वविद्यालय के कुलपति को बचाने के लिए पूरी जांच को गंभीरता से नहीं लेते हुए एक खानापूर्ति करने का काम की है, अगर कुलपति पर लगाए गए आरोपों की पूरी जांच की गई तो पूरी रिपोर्ट जांच समिति अभी तक क्यों नहीं उपलब्ध करा रही है, हमें ऐसा लगने लगा है कि राजभवन की गठित समिति मगध विश्वविद्यालय कुलपति से मिलकर इन्हें बचा रही हैं। परिषद के द्वारा पत्राचार के माध्यम से कुलपति द्वारा किये गये भष्ट्राचार कि जानकारी सरकार और राजभवन को दि गई। उसके बाद भी मगध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किए गए अनियमितता को राजभवन और बिहार की सरकार अनदेखा कर रही है जिससे ऐसा लगता है कि सरकार और राजभवन का संरक्षण प्राप्त है कुलपति महोदय को और मगध विश्वविद्यालय के कुलपति मनमाने ढंग से घोटाले पर घोटाले और अनियमितता करते जा रहे हैं।
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किए गए अनियमितता को लेकर के पीआईएल अभी पटना हाईकोर्ट में चल रहा है अगर परिषद को हाईकोर्ट से भी न्याय नहीं मिलती तो परिषद इसे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की भी तैयारी कर रही है साथ ही साथ परिषद मगध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किए गए काले कारनामों को निगरानी द्वारा जांच करने के लिए भी पूरी तैयारी का चुकी है मालूम हो कि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में कुछ महीने पूर्व तीन अधिकारियों को हटाया गया, क्योंकि उन्होंने 16 करोड़ के घोटाले पर साइन करने से इंकार कर दिय। परन्तु इतने गम्भीर मामले के बाद भी राजभवन और सरकार दोनो सोई रही,जिसके बाद कुछ पदाधिकारी के मिली भगत से 16 करोड़ रुपये की पूरी निकासी कर ली गई, इस 16 करोड़ के मामले को लेकर भी परिषद न्यायालय जाने की तैयारी कर रहा है।
परिषद हाई कोर्ट से मांग करती है कि कोर्ट अपने नेतृत्व में जांच समिति बना कर पूरे मामले की जांच कराये और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी से कड़ी कानुनी कारवाई करें।