तार टूटते ही घबरा गए यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही तार टूटा, उसमें से तेज चिंगारियां निकलने लगीं. अचानक हुई इस घटना से स्टेशन पर मौजूद लोग डर गए और सुरक्षित जगह की ओर हटने लगे. कुछ देर के लिए प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत लोगों को ट्रैक से दूर रहने और घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की. कुछ ही देर में हालात सामान्य होने लगे.
कुछ देर के लिए रुका ट्रेनों का परिचालन
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तुरंत संबंधित ट्रैक की बिजली आपूर्ति बंद कर दी. इसके कारण कुछ समय के लिए डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही. कई ट्रेनों को धीमी गति से चलाया गया, जबकि कुछ को थोड़ी देर रोकना पड़ा. रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को लगातार स्थिति की जानकारी दी और जल्द से जल्द परिचालन सामान्य करने की कोशिश की.
तकनीकी टीम ने तुरंत शुरू किया मरम्मत का काम
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई. सबसे पहले टूटे हुए तार वाले हिस्से को सुरक्षित किया गया, ताकि किसी तरह का खतरा न रहे. इसके बाद कर्मचारियों ने ओवरहेड लाइन की मरम्मत शुरू कर दी. मरम्मत के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया. अधिकारियों ने पूरे काम की निगरानी की और जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया.
जांच में जुटा रेलवे प्रशासन
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. रेलवे प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि ओवरहेड तार आखिर किन कारणों से टूटा. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो. रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है.


