न्यूज़ डेस्क : बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता सूची में संशोधन की जानकारी हाट-बाजार में ढोल पीटकर आमलोगों को दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचित नगर निकाय के फलस्वरूप मतदाता सूची में संशोधन को लेकर निर्देश जारी किया है। इसमें सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को मतदाता सूची के संशोधन का प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया है।
आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने निर्देश दिया कि नगर निकाय क्षेत्र में आ गए वैसे मतदाता जो अब पंचायत क्षेत्र के मतदाता नहीं रहे, उनको पंचायत क्षेत्र से नियमानुसार अलग करते हुए, उन क्षेत्रों में व्यापक प्रचार की व्यवस्था की जाए। जिन जगहों पर साप्ताहिक हाट- बाजार लगते हों, वहां ढोल पीटकर मतदाता सूची में संशोधन संबंधी सूचनाओं का प्रचार कराया जाए।
पंचायत, प्रखंड व डीएम कार्यालय में भी दी जाएगी सूचना
आयोग ने अपने निर्देश में कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की सूचना का प्रकाशन 24 जुलाई से 30 जुलाई तक सात दिनों के लिए चार स्थानों पर भी किया जाए। आयोग के अनुसार ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर पंचायत व प्रखंड कार्यालयों में, पंचायत समिति के चुनाव के लिए संबंधित प्रखंड कार्यालय में और जिला परिषद के चुनाव के लिए प्रखंड कार्यालय एवं जिला दंडाधिकारी के कार्यालय में भी सूचना दी जाए। आयोग ने निर्देश दिया कि यदि आपत्ति प्राप्त होती है तो नियमानुसार उसका निराकरण 05 अगस्त तक कर लिया जाए। इसके बाद मतदाता सूची में संशोधन की कार्रवाई की जाए। पंचायत चुनाव को लेकर 10 अगस्त तक मतदाता सूची में संशोधन का कार्य पूरा करना है। आयोग ने इसको लेकर भी निर्देश जारी किया है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सभी संबंधित पदाधिकारियों को इस निर्देश की जानकारी देने व किए जाने वाले कार्यों की रिपोर्ट आयोग को भेजने का निर्देश दिया है।
नगर निकाय में शामिल क्षेत्र चिन्हित
आयोग के अनुसार ग्राम पंचायत के वैसे पंचायत क्षेत्र के मतदाता जो नगर निकाय क्षेत्र में आ गए हैं, वे अब पंचायत के मतदाता नहीं रहे। जिला स्तर पर ग्राम पंचायत अंतर्गत नगर निकाय क्षेत्र में शामिल हुए क्षेत्रों को चिह्नित कर लिया गया है। उन क्षेत्रों को पंचायत क्षेत्र से अलग करते हुए तदनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची को संशोधित किया जाना है।


