गया / उमस भरी गर्मी के तेवर के आगे अब सब कुछ फेल हो गया है लंबे समय से बारिश ना होने के काऱण धान की रोपनी प्रभावित हो रही है एक तरफ चिलचिलाती धूप तो दूसरी तरफ उमस भरी गर्मी ने किसानों के हौसलों को तोड़ रखा है बारिश नही होने से खेतों दरार पड़ गया वही किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर भी साफ दिखने लगा है किसानों को सुखाड़ की आशंका सताने लगी है हालांकि किसानों का खेतों में पानी करने का एक उपाय तो था डीजल फिटर चला कर तो कर सकते थे लेकिन डीजल की कीमत तो आसमान छू रही है अब बेचारे किसान इतना पैसा कहाँ से ख़र्च करें हालाँकि बिजली मोटर से अपने खेतों में पानी कूछ हद तक तो कर सकते थे लेकिन अब किया कहा जाए बताया जाता है कि मुश्किल घड़ी कोई साथ नहीं देता है वही कहावत को पुर करती है बिजली की समस्या इतना बढ़ गया है कि दिन में लगातार कई घंटे तक गुम रहती है अगर बिजली आ भी जाती है तो फ़िर किया किसानों के फायदे कहाँ होने वाले है फिर लो वोल्टेज की समस्या माने तो हर तरफ से किसान ही पिसे जाते है बिहार सरकार को चाहिए कि बिजली विभाग के अधिकारियों को आदेश दे कि हर जगह पर बिजली की समस्या को दूर की जाये वही किसानों का कहना है कि अगर बिजली की सप्लाई ठीक कर दी जाए तो कुछ उम्मीद धान रोपनी पर की जा सकती है


