गाड़ी साइड में रोकने के उपरांत जब उन्होंने अपना सीट बेल्ट खोला तब उक्त पुलिसकर्मी ने सीट बेल्ट नहीं लगाने का फाइन भरने कहा। इस बात पर जब उन्होंने कहा कि अभी आपके सामने मैंने सीट बेल्ट खोला है तो फिर किस बात का फाइन दूं। उनके इतना बोलते ही उक्त पुलिसकर्मी चिल्लाने लगे और ड्यूटी ऑफिसर से बात करने के लिए कहा। जब वे ड्यूटी ऑफिसर से बात करने की कोशिश की तो डयूटी ऑफिसर का बर्ताव भी अमर्यादित था।
उन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताते हुए जब कहा कि अगर कोई कैमरा लगा है तो फुटेज चेक कर लें आप तब उक्त ऑफिसर ने उनके ऊपर हाथ भी उठाने की कोशिश की। पुलिसकर्मी करीब आधे घंटे तक पत्नी और बच्चों के सामने उनके साथ दुर्व्यवहार करते रहे जो कि अक्षम्य है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि उक्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
इस घटना की डब्ल्यूजेएआई. के राष्ट्रीय अयक्ष आनन्द कौशल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीशकांत, अमिताभ ओझा, हर्षवर्धन द्विवेदी, माधो सिंह, आशीष शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अमित रंजन, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश अश्क़, राष्ट्रीय सचिव निखिल केडी वर्मा, सुरभित दत्त, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, टी. स्वामिनाथन, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मधूप मणि पिक्के, रमेश पांडेय, डॉ. राजेश अस्थाना, डॉ. लीना, जितेन्द्र सिंह, अकबर इमाम, मंजेश कुमार, बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण.बागी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ओंकार, बालकृष्ण, अक्षय आनन्द, सचिव अमरदीप झा, चंदन कुमार, कोषाध्यक्ष चंदन राज सहित सैकड़ों वेब पत्रकारों ने भर्तसना करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है। संघ ने 24 घंटे के ठोस कार्रवाई न होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।



