न्यूज़ डेस्क : कोरोना संक्रमण ने पटना पुलिस महकमे में भी खलबली मचा दी। हर रोज पुलिसवालों के कोरोना से जूझने की खबर ने आला अफसरों को भी परेशान कर दिया। एक वक्त ऐसा आया जब एक-एक कर कई थानेदार इस बीमारी की जद में आ गये। लेकिन खाकीधारियों ने इस बीमारी के सामने घुटने नहीं टेके। कई पुलिसवालों ने हिम्मत नहीं हारी और कोरोना को मात दे दी।
कोरोना संक्रमित हुए सुलतानगंज थानेदार शेर सिंह यादव, पत्रकारनगर थानेदार मनोरंजन भारती, दीघा थानेदार राजेश सिन्हा, डायल 100 प्रभारी रमेश सिंह समेत पांच इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी इस बीमारी को हराकर दोबारा अपराधियों की धर-पकड़ में लग गये हैं। पटना जिले में दारोगा, सिपाही और इंस्पेक्टर को मिलाकर कुल 147 पुलिसवाले कोरोना से अब तक संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमितों में पांच इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी जिनमें चार थानेदार, 16 एएसआई और 27 दारोगा व अन्य सिपाही शामिल थे। फिलहाल 87 पुलिसवाले ठीक हो चुके हैं, जबकि 60 का इलाज चल रहा है। एक महिला सिपाही समेत चार पुलिसवालों की कोरोना से मौत हो चुकी है। लोगों के बीच में रहने के कारण पुलिकर्मियों पर लगातार संक्रमण का खतरा रहता है। अक्सर मंडियों को बंद करवाने के वक्त या किसी घटना के बाद अस्पताल में जाने से इस बीमारी की जद में आ जाते हैं। कई बार जिस अपराधी को पकड़ा जाता है वह भी कोरोना संक्रमित निकल जाता है।
केस- 1
सुलतानगंज थानेदार शेर सिंह यादव ने कहा कि सात अप्रैल को उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। उन्होंने कहा कि नौ तारीख को अधिक बीमार होने के कारण मैं सिक पर चला गया। जांच में कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। एक वक्त ऐसा आया जब मेरा ऑक्सीजन लेवल 80 पर चला गया। परिवार के लोग घबरा गये। उस समय अस्पतालों में भी जगह नहीं थी। लेकिन मैंने दवाओं के साथ ही योग का सहारा लिया। काढ़ा का सेवन किया। गर्म पानी से गलगला किया। मैंने हमेशा पॉजीटिव सोच रखी और अपने दिमाग पर कोरोना को हावी नहीं होने दिया। फिर धीरे-धीरे मैं रिकवर करता चला गया।
केस- 2
पत्रकागर थानेदार मनोरंजन भारती कहते हैं कि सात अप्रैल को परेशानी होने पर मैंने कोरोना जांच करायी तो रिपोर्ट पॉजीटिव निकली। एक दिन और एक रात अस्पताल में रहने के बाद मैं वापस थाने में स्थित अपने कमरे में क्वारंटीन हो गया। मैं हर रोज सुबह के वक्त नीम का पत्ता, तुलसी का पत्ता, गोलमिर्च और गुड़ का सेवन करता था। गर्म पानी और पर्याप्त मात्रा में दूध भी पीता था। मैं किताबों को पढ़ता था और ये सोचा नहीं कि बीमार हूं। 24 अप्रैल तक मैं ठीक हो गया और रिपोर्ट भी निगेटिव आ गयी। इसके बाद ड्यूटी ज्वाइन कर लिया।
केस- 3
कोतवाली टी के समीप पदस्थापित ट्रैफिक पुलिस के सेक्टर प्रभारी दारोगा धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि मैं 14 अप्रैल को बीमार पड़ा था। इसके बाद घर में ही रहकर तुलसी के पत्तों, नीम के पत्ते व अन्य चीजों का सेवन किया। नीम के पत्ते और अदरक का भाप भी मैं लेता था। मैंने अपनी सोच हमेशा पॉजीटिव रखी और नकारात्मक चीजों से दूर रहा। एक वक्त मुझे बहुत कमजोरी हो गयी थी। उस समय मैंने खाना नहीं छोड़ा। आखिरकार मेरी रिपोर्ट निगेटिव आयी और एक मई को मैंने ड्यूटी जवाइन कर लिया।
इस बीमारी से जूझ रहे पुलिसकर्मियों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। आईजी ऑफिस में एक कोषांग बना है जिसमें तैनात कर्मी हर रोज बीमार पुलिसवालों को कॉल कर उनका हाल-चाल लेते हैं। अगर किसी को भी परेशानी हुई तो तुरंत उसे सहायता पहुंचायी जाती है।
- संजय सिंह, रेंज आईजी, पटना


