Requirement Ads

हमारे यूट्यूब चैनल को अभी सब्स्क्राइब करें

बैरिकेड तोड़े जाने के बाद FIR दर्ज होने के बाद नीतीश सरकार के चहेते एवं जदयू विधायक खुद हो गए अंडरग्राउंड // LIVE NEWS 24

यहाँ अपने बिजनेस राजनीतिक शुभकामना प्रचार के लिए सम्पर्क करें।
न्यूज़ डेस्क : कटेंनमेंट जोन के लिए लगाए गए बैरिकेड तोड़ने के बाद गोपालपुर के विधायक की मुश्किलें बढ़ गई है। जहां भागलपुर पुलिस ने उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन ने नियमों को तोड़ने को लेकर अपराध दर्ज कराया है. वहीं अब बताया जा रहा है कि अपराध दर्ज होने के बाद से ही गोपाल मंडल अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस को उनकी तलाश है। 

सीएम नीतीश के करीबी विधायकों में शामिल गोपाल मंडल ने बीते चार मई को नवगछिया स्टेशन रोड में कंटेनमेंट जोन में लगाए गए बैरिकेडिंग को तोड़ दिया था। नवगछिया बाजार में कोरोना संक्रमितों की संख्या दो सौ से अधिक होने के कारण अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने पूरे बाजार को कंटेनमेंट जोन घोषित किया था। स्टेशन रोड सहित बाजार के मुख्य प्रवेश मार्ग पर आवागमन अवरूद्ध करने के लिए बैरिकेडिंग लगवाया था।

इस दौरान बेहद दबंग स्टाइल में वह कहते नजर आए थे कि कोई पूछे तो कह देना कि गोपाल मंडल ने ऐसा किया है। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अगले दिन उन्होंने खुद सफाई दी कि उन्‍हें घर जाना था। भूख और शौच लगी हुई थी। करता भी तो क्‍या करता। खुद से चारपहिया वाहन से उतरकर बैरिकेडिंग में लगे बांस और बल्‍ले को हटा दिया। 

पुलिस ने दर्ज किया था एफआईआर
बैरिकेड तोड़े जाने के बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है घटना के बाद से ही पुलिस से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं।