न्यूज़ डेस्क : सफेद एप्रन पहनकर कुछ डॉक्टर मरीजों के इलाज के नाम पर उनसे वसूली भी कर रहे हैं। एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। शहर के एक नर्सिंग होम की महिला डॉक्टर ने 10 रुपये के इंजेक्शन के बदले मरीजों से 400 वसूल रही थी। शुक्रवार को ड्रग विभाग की टीम ने भीखनपुर गुमटी नंबर दो स्थित एक नर्सिंग होम में संचालित दवा की दुकान में जब छापेमारी की तो उस महिला डॉक्टर के साथ मालिक व नर्सिंग होम के कंपाउंडर की मिलीभगत का खुलासा हुआ।
मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये गये लिखित बयान में कंपाउंडर ने कबूल किया कि छापेमारी वाली दवा की दुकान से मैडम (महिला डॉक्टर) 10 रुपये का इंजेक्शन उससे मंगाती थी और उसे लगाने के बाद मरीज से 400 रुपये वसूलती थी। दवा की दुकान से बाकायदा इसका बिल भी बरामद हुआ है। महिला डॉक्टर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), भागलपुर में पीएसएम विभाग में बतौर ट्यूटर तैनात हैं, जबकि उनके पति वहीं पर मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
तीन घंटे तक ड्रग विभाग की टीम ने की छापेमारी
ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद, जीतेंद्र कुमार सिंह व मजिस्ट्रेट सह वरीय उपसमाहर्ता त्रिलोकी नाथ सिंह की टीम ने इशाकचक पुलिस के साथ भीखनपुर गुमटी नंबर दो स्थित डॉ. मनिका रानी द्वारा संचालित संचालित नर्सिंग होम स्थित कृष्णा मेडिको पर छापेमारी की। छापेमारी में दुकान से बरामद बिल में पाया गया कि 10 रुपये वाला फोर्टविन इंजेक्शन (दर्द में इस्तेमाल होने वाला) का बिल 400 रुपये बनाया गया है। इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे तक दवा की दुकान में छापेमारी की। इस दौरान छापेमारी करने गयी टीम के हत्थे निर्मल सिंह चढ़ा।
उसने बताया कि वह डॉ. मनिका रानी के नर्सिंग होम का कंपाउंडर है। जब 10 के बदले 400 रुपये के बिल के बाबत कड़ाई से पूछताछ की गयी तो उसने सभी कुछ स्वीकार कर लिया। इस खेल में वह डॉ. मनिका रानी व दवा दुकान के मालिक निखिल कुमार झा के बीच की कड़ी था। इसके बाद इशाकचक पुलिस ने कंपाउंडर निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उसे लेकर इशाकचक थाने लेकर आयी, लेकिन दवा दुकान का मालिक निखिल कुमार झा व डॉ. मनिका रानी मौके से फरार हो गयीं। इशाकचक थाना में ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद की तहरीर पर डॉ. मनिका रानी व उनके कंपाउंडर निर्मल सिंह व कृष्णा मेडिको के मालिक निखिल कुमार झा के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, आवश्यक वस्तु अधिनियम व आपदा प्रबंधन के तहत मुकदमा दर्ज हो गया।


