संवाददाता- निरंजन कुमार, गया
छ: माह से अधिक समय बीत जाने के उपरांत सामुदायिक शौचालय सह स्नानगृह का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। मामला शेरघाटी प्रखंड के चिताव कला पंचायत के मंझनपुर गांव से जुड़ा है। जहां तकरीबन तीन लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय सह स्नानगृह का निर्माण प्रस्तावित था। जिसको लेकर पंचायत सचिव सुरेंद्र मिश्रा बतौर अभिकर्ता बनाए गए थे। जिनकी लापरवाही की वजह से शौचालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सकी, जिस वजह से ग्रामीणों में काफी रोष देखा जा रहा है।
इस संबंध में पंचायत वासियों ने बताया कि पंचायत अंतर्गत ग्राम इस्माइलपुर में दो लाख तथा मंझनपुर में तीन लाख की लागत से शौचालय का निर्माण कार्य प्रस्तावित थे। प्रस्तावित योजना लोहिया स्वच्छ मिशन के तहत थे। इस्माईलपुर ग्राम में दो लाख की लागत से प्रस्तावित शौचालय का निर्माण कार्य स्थानीय शख्स भोला सिंह की मदद से पंचायत सचिव, सुरेन्द्र मिश्रा ने अवश्य सम्पन्न करा ली।
परन्तु निर्माण कार्य के दौरान पंचायत सचिव ने निर्माण सामग्री की खरीद स्थानीय शख्स भोला सिंह के मार्फत उधारी में लेकर कराये थे। अब उक्त उधारी की रकम का भुगतान करने से पंचायत सचिव ने इनकार कर दी। इस बात की जानकारी स्वयं इस्माईलपुर निवासी सह स्थानीय शख्स भोला सिंह ने दी। इस संबंध में भोला सिं ने बताया की अब पंचायत संचिव ने मुझ पर ग्राम मझनपुर स्थित निर्माणधीन शौचालय का निर्माण कार्य कराने की बेवजह दबाव डाला जा रहा, जो शत-प्रतिशत अनुचित है। इसके बजाय उन्हें उधारी पैसा का तत्काल भुगतान करनी चाहिए। पूछे जाने पर पंचायत सचिव सुरेन्द्र मिश्रा, स्थानीय शख्स भोला सिंह द्वारा लगाये गये सभी आरोपों को निराधार बताया।


