न्यूज़ डेस्क : बिहार सहित अन्य राज्यों में कोरोना महामारी में नकली दवा का कारोबार, प्राथमिक & उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में फटे हाल स्थिति, प्राईवेट अस्पतालों में लूट & एम्बुलेन्स की गोरखधन्धा, अनियमितता, लूट चरम सीमा पार कर गई है। उक्त बातें बिहार सूचना का अधिकार मंच के संयुक्त सचिव ई. बिरेन्द्र कुमार सिंह ने राजधानी पटना में प्रेस वार्ता कर कहा।
उन्होंने कहा कि राज्यों के सभी स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य संसाधनों, डॉक्टर, स्वास्थ्य तकनीशियन, जाँच, लैब का घोर अभाव है। सरकारी अस्पतालों में नाजायज नजराना लेने का धन्धा चरम सीमा पार कर गई है। सरकारी या गैर सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के साथ अश्लील हड़कत, रेप की घटनाएं आम हो गई है।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय शासनाध्यक्षों से मंच की ओर से 6 सूत्री मांग किया
1. भारत के राज्यों के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार, लूट, अनियमितता तत्काल प्रभाव से बन्द हेतू कारगर निति सुनिश्चित हो।
2. राज्यों में जीवन रक्षक मशीनों हेतू सक्षम डॉ., तकनीशियन की बहाल हो तथा प्रत्येक प्राथमिक, उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्र सभी संसाधनों के साथ डॉ., नर्स तकनीशियन,जाँच लैब की उचित व प्रयाप्त व्यवस्था के साथ-साथ उपस्थिति सुनिश्चित हो। साथ ही जीवन सक्षक मशीने, लैब, अस्पताल की संसाधनों की जाँच, रख-रखाव, सफाई, उपयोगिता एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो तथा अनियमितता के विरूद्ध सख्त दण्ड का प्रावधान सुनिश्चित हो। करोड़ों की लागत से तैयार अस्पतालें संसाधनों के साथ चालू हो। सभी अस्पतालों की साफ-सफाई ,कचड़ा एवं दुर्गन्ध मुक्त की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
3. एम्बुलेंस ,ऑक्सीजन ,दवा,की कालाबाजारी ,नकली दवा का धन्धें का गोरखधन्धा बन्द हो।
4. सभी ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर टीका, जाँच की व्यवस्था, प्राथमिक ,उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, लैब, डॉ., तकनीशियन की निगरानी, जाँच एवं सेवा की जवाबदेही सक्षम पदाघिकारियों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों को भी सुनिश्चित हो।
5. अस्पतालें चाहे प्राईवेट हो या सरकारी ,महिलाओं की सुरक्षा की गारण्टी सुनिश्चित हो तथा काण्ड कर्त्ता को एवं लपरवाह अधिकारी को कठोर सजा देने की प्रावधान एवं व्यवस्था सुनिश्चित हो, दोषी काण्ड कर्त्ता या अधिकारी चाहे जिस पावर या स्तर का हो सजा सुनिश्चित हो।
6. अपराध पर नियंत्रण, लूट से रक्षार्थ, गैर सरकारी या सरकारी सभी अस्पतालों में चाहे ICU वार्ड हो या सामान्य वार्ड हो, सभी के डॉ. कक्ष, वार्ड, गैलरी, लैब, पंजीयन, भुगतान काउण्टर, दवा, काउण्टर, प्रतीक्षा हॉल में CCTV कैमरा लगें तथा स्क्रीन प्रबंधन व नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ अस्पताल के कम्पाउण्ड में लगे जहाँ से परिजन या कोई भी व्यक्ति बिना परेशानी के मरीज की हाल चाल एवं अस्पताल व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर सके।


