जिला पदाधिकारी, गया श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ कोविड 19 संक्रमण के बचाव एवं सुरक्षा संबंधी विभिन्न कार्यों यथा कोरोना टेस्टिंग, कोरोना टीकाकरण, होम आइसोलेशन में मरीजो की स्थिति की समीक्षा, ए०ई०एस०/जे०ई० से बचाव हेतु सभी प्रखंडों में जागरूकता, जीविका दीदियों द्वारा निर्मित मास्क को सभी पंचायतों में वितरण, गेहूं अधिप्राप्ति की समीक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा, कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरतने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने बच्चों में फैलने वाली ए०ई०एस०/जे०ई० के इलाज एवं लोगों में जागरूकता लाने हेतु आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जून के प्रथम सप्ताह से जापानी इंसेफलाइटिस (जे०ई०) के बचाव हेतु लगभग 18000 बच्चों को टीका दिया जाएगा। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जो दवा स्टॉक में उपलब्ध नहीं है, उसकी सूची बनाकर सिविल सर्जन कार्यालय को अविलंब भेजें। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, बच्चों में होने वाली इस बीमारी से काफी चिंतित हैं तथा उनके द्वारा कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तार पूर्वक महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। बच्चों में जे०ई० के बचाव हेतु व्यापक पैमाने पर टीकाकरण कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि दोनों में समन्वय स्थापित कर जे०ई० टीकाकरण तथा जागरूकता कार्यक्रम जून माह में करवाएं। वैसे टोले जहां सूअर पालन किए जा रहे हैं, वहां फॉगिंग तथा केमिकल का छिड़काव तथा सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान दें साथ ही यह ध्यान रखें कि बरसात के पानी का जलजमाव ना होने पाए। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों में इस बीमारी के लक्षण देखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से जिन्हें वाहन दिया गया है, उन वाहनों की सूची तथा चालक का नाम एवं उनका मोबाइल नंबर को प्रचारित करावे ताकि आवश्यकता पड़ने पर उस गाड़ी का प्रयोग किया जा सके। सरकार द्वारा निर्धारित भाड़ा दी जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस बीमारी से निजात हेतु लॉन्ग टर्म व्यवस्था आवश्यक है ताकि हर साल इस बीमारी का दंश बच्चों को झेलना ना पड़े। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा एमओआईसी को निर्देश दिया कि वे जून प्रथम सप्ताह में ही वे ग्रामीण चिकित्सकों के साथ बैठक कर उन्हें इस बीमारी के लक्षण एवं बचाव के संबंध में विस्तार से बता दें ताकि संबंधित बीमारी के बच्चों को इधर-उधर इलाज में समय ना बर्बाद करते हुए तवरित गति से अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोरोना टेस्टिंग के संबंध में निर्देश दिया गया कि अब अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में भी कोरोना की जांच की जाएगी सभी एमओआईसी को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पूर्ण रूप से फंक्शनल करने तथा पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना जांच होने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर से दबाव कम होगा तथा लोगों को जांच हेतु कम दूरी तय करते होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पदाधिकारी ने कोविड-19 टीकाकरण पर विशेष बल देते हुए लोगों से अपील किया कि जो लोग अब तक टीका नहीं लिए हैं वह अविलंब टीका ले लें ताकि कोरोना से उनका बचाव हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुछ क्षेत्रों के लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां है जो पूरी तरह गलत एवं बेबुनियाद है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि कोविड-19 टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। इससे किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु कोविड-19 टीकाकरण के बावजूद हुई है तो उनमें पहले से गंभीर रोग थे। टीकाकरण से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 टीकाकरण हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी, एमओआईसी को निर्देश दिया कि वे पंचायत के विद्यालयों / पंचायत भवन में अच्छे स्थान का चयन कर एक सप्ताह पूर्व टीकाकरण स्थान के बारे में लोगों के बीच प्रसारित करावे ताकि अधिक से अधिक लोगो को जानकारी हो सके तथा अधिक से अधिक लोगो को टीका लगाया जा सके।


