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कोरोना जैसी महामारी में बिहार में व्याप्त अनियमितता, भ्रष्टाचार, लूट एवं अत्याचार के खिलाफ राज्य सरकार से जाँच व कार्रवाई की उठी मांग // LIVE NEWS 24

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न्यूज़ डेस्क : 
राष्ट्रीय आर.टी.आई. ह्यूमन के समाजसेवी कार्यकर्त्ता सह बिहार सूचना का अधिकार मंच के संयुक्त सचिव ई. बिरेन्द्र कुमार सिंह ने अपने आवास पटना में प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार में व्याप्त अनियमितता, भ्रष्टाचार, लूट, अत्याचार के विरुद्ध हमला करते हुए कहा की 
यहाँ बड़े-बड़े सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए कोरोना कुबेर का खजाना बन गया है। प्राईवेट अस्पतालों में लूट चरम सीमा पार कर गई है सरकार द्वारा जारी 20 अगस्त 2020 को तय रेट सिर्फ पेपर तक सीमित है, अस्पताल प्रबंधन द्वारा परिजन में भय उत्यन्न कर ICU के नाम पर दवा, अन्य सेवा शुल्क के  30 हजार से ज्यादा वसूली करते हैं। लेकिन रेट सरकारी स्तर पर 15 हजार से ज्यादा नहीं है। राज्य के सुपर सरकारी अस्पताल PMCH में हर सेवा के लिए कर्मचारी परिजन से शुल्क लेते हैं। जैसे मरीज का हाल चाल जानने हेतू मो. विडियो या फोटो लाने का 2 सौ रुपये प्रति मरीज, अन्य सेवा के लिए जैसा परिजन वैसा रेट फिक्स है।
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोरोना रोगी एवं मृतकों की आंकड़ा गलत दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामवासी जानकारी के अभाव में कोरोना के लक्षणों को टाईफाइड समझ कर झोला छाप डॉ. या डिस्पेन्सरी से दवा ले रहे हैं क्योंकि दूर दूर तक कोई व्यवस्था नहीं है, प्राथमिक एवं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खण्डहर में तबदील है इसलिए ग्रामीणों के लिए गॉंव का झोला छाप डिस्पेन्सरी ही एक मात्र ईश्वर स्वरूप डॉक्टर है। ज्ञात हो कि पटना के पुनपुन, मदारपुर एवं फुलवारी के कुरथौल के कोरोना मरीज जानकारी व इलायज के अभाव में मौत हो गया। इसी तरह सहरसा के बघवा गंडौल गॉंव में अब तक लगभग दर्जनों कोरोना मरीज की मौत हो चुकी है, फिर भी जाँच व टीका देने का कार्य शून्य है। ग्रामीण क्षेत्रों की मृत जन का एवं अन्य घाटों पर के अंतिम संस्कार की ऑकड़ा सरकार के पास नहीं है, यदि है तो छिपा रही है।
एक ओर महामारी में एम्बुलेन्स की अभाव के कारण जनता त्राहीमाम है लूट व मनमानी की शिकार है, दुसरी ओर सांसद निधि से क्रय अनेकों एबुलेन्स सारण में नीजि वाहन की तरह झांक कर खड़ी होने की खबर 07 मई 2021 को उजागर हुआ, इसके बाद इसी माह में बक्सर में राज्य स्वास्थ्य मंत्री की कृपा से केन्द्रीय मंत्री द्वारा पुराने एम्बुलेन्स को उद्घाटन करने की घटना शर्मसार है। फिर भी दोनो घृणित घटना पर सरकार चुप्पी साध ली।

बिहार में पीएम केयर फण्ड से प्राप्त 207 वेंटिलेटर  अभी तक एनेस्थेसिस्ट डॉ. एवं तकनिशीयन के अभाव में सिल्ड पैक मोड में ही पड़ा हुआ है। सरकार की मंशा प्रा. अस्पताल में देकर उँच्चा कमीशन एवं काला धन कमाने का है, स्वास्थ्य मंत्री जी का एनेस्थेसिस्ट डॉ. एवं तकनीसिय नहीं मिलने की बहाना मनगढ़त है एवं जनता के आँख में धुल झोकने का एक अच्छा आइडिया है। यही वजह है कि देश का निति आयोग सबसे बुरे स्वास्थ्य व्यवस्था का रैंक बिहार को दिया है।

एक तरफ केन्द्र एवं बिहार सरकार इस महामारी में निःशुल्क राशन देने की बात कर रही है, दुसरे तरफ़ लाखों की संख्या में राशन कार्ड आवेदन लम्बें अवधि से पेंडिंग पड़ा हुआ है। सरकार की सारी घोषणाएं सिर्फ व सिर्फ कागजी है।

पारस अस्पताल पटना में 15 मई 2021 के भर्ती महिला का 16 मई 2021 को अस्पताल में रेप होने, साक्ष्य को छुपाने हेतू जान मारने एवं डेडबॉडी को बिना पोस्टमार्टम के ही दफन होना, FIR में विलम्व, गंभीर घटना है। पटना के राजेश्वर अस्पताल में मरीज के महिला परिजन के साथ अभद्र व्यवहार, अस्पताल प्रबंधन के लपरवाही से 08.05 21 को मरीज को डेथ घोषित करना, दिल और दिमागा को झकझोर देनेवाली शर्मसार घटना है।

साथ ही इन्होंने सरकार से 10 बिन्दु की माँग
1. स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार,लूट बन्द हो, राज्य में एनेस्थेसिस्ट, स्पेशलिस्ट एवं तकनीशियन तुरंत बहाल कर सभी प्राप्त वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को चालू किया जाय तथा कार्य, सेवा एवं मशीन की उपयोगिता, जांच, निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

2. एम्बुलेंस की काला बाजारी बन्द होबऔर सरकारी स्तर पर एम्बुलेंस की व्यवस्था निःशुल्क हो।

3. दवा, बेड, ICU के नाम पर एवं सेवाओं के नाम पर प्राईवेट एवं सरकारी अस्पतालों में लूट बन्द करने की निति एवं कारगर व्यवस्था सुनिश्चित हो।

4. राज्य के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप-स्वास्थ्य केन्द्र में सारी सुविधाओं सहित नर्स, डॉ., स्वास्थ्य कर्मी की सेवा एवं उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा निगरानी, जाँच एवं सेवा की जवाबदेही सक्षम पदाधिकारियो के साथ साथ पंचायत प्रतिनिधियों को भी सुनिश्चित हो।

5. ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक गाँव में हर घर में कोरोना जाँच,वैक्सीन टीका की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसकी भी जवाबदेही सक्षम पदाधिकारियों के साथ साथ पंचायत प्रतिनिधियों का सुनिश्चित हो।

6. ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना मरीज ,मृतकों की संख्या का संग्रह कर पंजी में संधारित करने एवं सरकार को सही जानकारी देने की कार्य की दायित्व एवं ज़वाबदेही पंचायत प्रतिनिधियों  को सुनिश्चित हो।

7. बिहार में पेंडिंग परे सारे राशन कार्ड आवेदन का त्वरित निष्पादन हो।

8. सारण में 07.05.21के एम्बुलेन्स जमा खोरी की घटना की खबर की जॉच, बक्सर में मंत्री द्वारा पुराने एवं पूर्व में उद्धघाटन हुई एबुलेन्स की पुनः उद्धाटन करने की घटना व खबर की जाँच सक्षम जाँच एजेन्सी से एवं निष्पक्ष हो।दोषी चाहें जो भी हों,जिस भी स्तर या पावर का हों दोषी के विरुद्ध र्कारवाई सुनिश्चित हो।

9. अस्पतालें चाहे वह प्राईवेट हो या सरकारी महिलाओं की सुरक्षा का पुख्ता व्यवस्था एवं घिनौना काण्ड कर्त्ता को,लपरवाह पदाधिकारी को कठोर सजा देने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

10. अपराध पर नियंत्रण, लूट से रक्षार्थ गैर सरकारी या सरकारी के सभी अस्पतालों में चाहे वह ICU हो या सामान्य वार्ड हो सभी में CCTV कैमरा लगे।साथ ही अस्पताल के दवा एवं पंजीयन & भुगतान काउण्टर, प्रतीक्षा हॉल, डॉ० कक्ष में भी CCTV कैमरा लगना सुनिश्चित हो। इन सभी CCTV कैमरे का स्क्रीन-अस्पताल के नियंत्रण कक्ष, प्रतीक्षा हॉल, अस्पताल के कम्पाउण्ड में लगे जहाँ से परिजन बिना कोई परेशानी के अपने मरीज की सही जानकारी प्राप्त कर सके।