हजारीबाग में शहीद शेख भिखारी मेडिकल अस्पताल में चोरी हुए सिलेंडर के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. एक अाेर अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक FIR दर्ज कराई गई थी और अब अस्पताल के ही अधिकारियों पर FIR के लिए एक अावेदन सदर थाने में दिया गया है. अधिवक्ता मोनालिसा अौर विशाल वाल्मीकि ने इस अाशय का एक आवेदन सदर थाने में दिया है. इसके पहले वह लोग पुलिस अधीक्षक से मिले अौर इस पूरे मामले में अस्पताल के अधिकारियों की भी संलिप्तता की बात की.
बिना सिलेंडर जांच किए ही करवाई थी एफआईआर
शेख भिखरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग से ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी मामले में भाजपा नेता विशाल कुमार बाल्मीकि ने सिविल सर्जन संजय कुमार जायसवाल एवं लेखा प्रबंधक भोला शंकर गुप्ता के खिलाफ सदर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकता दर्ज करने का आग्रह किया है. आवेदन में कहा गया है कि आक्सीजन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी डीसी ने सिविल सर्जन को दिया था, उन्हें नोडल ऑफिसर बनाया गया था, इसलिए यहाँ से ऑक्सीजन सिलेंडर आैर ऑक्सीजन रेगुलेटर की चोरी की घटना की जवाबदेही भी उनकी ही है.
वहीं दूसरी तरफ आज जब सिलिंडरो की गिनती की गई तो अस्पताल के ही विभिन्न वार्ड से 90 ऑक्सीजन सिलिंडर वापस मिल गई. अब शेष 93 सिलिंडरों की खोज जारी है. अस्पताल प्रबंधन की नाकामी देखिए बिना सिलिंडर जांच किए FIR कर दी गई.
19 मई को दिनभर अस्पताल के विभिन्न वार्डों अौर स्टोर में ऑक्सीजन सिलेंडरों की तलाशी ली गई, गिनती के दौरान B टाइप (छोटा) 102, तथा D टाइप ( बड़ा) 319 सिलेंडर पाये गये. इस तरह प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के दूसरे दिन बुधवार को 90 और ऑक्सीजन सिलेंडर मिले हैं. अब शेष 93 सिलेंडर अौर 60 रेगुलेटर की तलाश की जा रही है. सनद रहे कि मामले को लेकर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग के उपाधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह की अोर से सदर थाना में 17 मई को सदर थाना में कांड संख्या 179/21 भादवि की धारा 2पीसी व 7इसी एक्ट के तहत दर्ज कराई गई. प्राथमिकी में अस्पताल के अोपीडी के पीछे रखे गए 183 (छोटा-बड़ा) ऑक्सीजन सिलेंडर अौर 60 ऑक्सीजन रेगुलेटर की चोरी होने की बात कही गई है.



