संवादसूत्र- कुंदन विश्वकर्मा, गढ़वा (झारखण्ड)
बरडीहा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में मानवीय संवेदना तार तार करने वाली घटना सामने आया है, क्योंकि 9 बच्चियों की मां अपने ही देवर के द्वारा आशियाना उजाड़ने जाने से वेघर होने के कारण असुरक्षित अपनी अल्पव्यस्क व नन्हीं बच्चियों के साथ गांव के विद्यालय में शरण ले रखी है उक्त महिला ने अपनी पीड़ा स्थानीय पुलिस प्रशासन के समक्ष भी व्यक्त करते हुए न्याय की गुहार लगा चुकी है मगर अब तक उसका सुध किसी ने नहीं लिया है. विशुनपुरा प्रखंड की सीमा से सटे बरडीहा थाना छेत्र के नवाडीह गाँव निवासी संजय सिंह के पत्नी आंति देवी गत 18 मई से अपने नव वच्चीयों को लेकर दर-दर भटक रही है।
विदित हो कि आंति देवी के देवर अजय सिंह के द्वारा उसे अपना घर वताकर घर से वाहर निकाल दिया गया तथा उसके कच्चे मकान को पूरी तरह छतिग्रस्त कर दिया गया है जवकि इसका पति संजय सिंह वाहर कमाने गया है. देवर द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए मिट्टी के घर पर प्रकृति का प्रकोप हुआ पिछले दिनों आए वारिस का पानी मकान में घुस गया जिससे घर मे रखे खाद समाग्री व अन्य समान को काफी नुकसान पहुँचा है। पिड़ित आंति देवी ने प्रसासन पर आरोप लगाते हुवे वताई की वह पूर्व में ही शराब पिकर गाली गलौज करने और घर मे आग लगाने के लिए उसका देवर बार बार धमकी देता था जिसे लेकर वरडीहा थाना को सूचना भी दी थी। वावजूद ईसपर प्रसासन के द्वारा कोई कारवाई नही की गई और देवर अजय सिंह का मनोवल वढ़ता चला गया तिजारा की 18 मई को मकान को छतिग्रस्त करते हुवे घर से वाहर निकाल दिया। पीड़ित महिला ने बताई की आज मैं दर-दर का ठोकर कहा रही हु तथा नव वच्चियों को लेकर विद्यालय में सरण लेने को मजबूर हु। मेरी वड़ी वेटी लगभग 17 वर्ष की है और उसे लेकर खुले विद्यालय में रह रही हु अनहोनी को लेकर डर सताता रहता है। वही उहोने बताया कि अजय सिंह गाँव मे ही एक शराब भठी में काम करता है,शाम को पीकर आता है और गाली गलौज करने लगता है। जवकि सेमरी गाँव के चौकीदार सिसुल पासवान को सारी वात को वता दी हु और छतिग्रस्त मकान को देखा चुकी हूं वावजूद प्रसासन की ओर से कोई करवाई नही किया जा रहा है,जिससे हम पूरे परिवार डर व भय के साथ रात गुजारने को मजवूर है। मौके पर मालती देवी,रेहाना वीवी, सिमा देवी,निर्गुण सिंह,वालेश्वर साह, लियाकत अंसारी,उदय सिंह,प्रताप सिंह,अशोक सिंह,सतेंद्र सिंह सहित कई लोग थे जिन्होंने मौजूद थे जिन्होंने नीचता की बात का समर्थन किया है।



