न्यूज़ डेस्क : कोरोना के मारे दूसरे प्रदेशों से लौटे प्रवासी श्रमिकों को गांव में ही रोजगार देने के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इसके तहत हर गांव और टोले में ग्रामीण विकास विभाग की छह योजनाएं चलाई जाएंगी। ग्रामीण विकास सचिव और मनरेगा आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उप विकास आयुक्तों को ये निर्देश दिए। इसके लिए स्थान चिह्नित कर विस्तृत रूप-रेखा भी तैयार करने के लिए कहा।
उपविकास आयुक्तों को बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 20 मई तक पौधारोपण के पहले के सभी कामों को तैयार करने के लिए कहा। इसके अलावा नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना के तहत सोक पिट, कंपोस्ट पिट, नाला जीर्णोद्धार और बंड आदि के काम किए जाएंगे। दीदी बाड़ी योजना के तहत भी लक्ष्य पूरे किए जाएंगे। इसके अलावा लंबित कूपों को बरसात से पहले पूरा किया जाएगा। सभी योजनाओं को महिला मेट के तहत काम पूरा कराया जाएगा। सभी पूर्ण योजनाओं के जियो टैगिंग कराने के भी निर्देश दिए गए।
ग्रामीण विकास सचिव आराधना पटनायक की अध्यक्षता में गुरुवार को सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की गई। मनरेगा आयुक्त ने कहा कि अगर कोई श्रमिक काम करने के लिए इच्छुक है, लेकिन उसके पास जॉबकार्ड नहीं है तो ऐसे श्रमिको को गांव में ही काम उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। मनरेगा आयुक्त के द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रवासी श्रमिकों की पूरी जानकारी रखे एवं उन्हें गांव में ही काम मिले इसे सुनिश्चित करें।
हर लौटे श्रमिक का बनेगा जॉब कार्ड
मनरेगा आयुक्त वरुण रंजन ने कहा कि झारखंड में रह रहे जिन श्रमिकों का अभी तक जॉब कार्ड नहीं बना है, उनके लिए अभियान चलाकर जॉब कार्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेशों से लौटे प्रवासी श्रमिकों में से भी एक-एक की पहचान की जाए। उनके कौशल को पहचान कर ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के तहत काम दिया जाए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से कहा गया कि वे गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर जॉब कार्ड उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें मनरेगा के तहत आसानी से काम दिया जा सके।
एक सप्ताह में सुधरेंगे रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन
प्रदेश में मनरेगा से संबंधित ट्रांजेक्शन बडे पैमाने पर पिछले दिनों रिजेक्ट कर दिए गए थे। इस कारण बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूरों का पगार बकाया है। मनरेगा आयुक्त ऐसे सभी ट्रांजेक्शन को हफ्ते भर में सुधारने के निर्देश दिए। सही इंट्री के जरिए उन्हें अपडेट करने के लिए कहा। इससे मनरेगा मजदूरों का बकाया पगार आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने आगे भी मनरेगा मजदूरों का भुगतान हफ्ते भर से अधिक लंबित नहीं रखने के लिए कहा।
पहले मनरेगाकर्मियों से समझौते को लागू करे सरकारः संघ
झारखंड राज्य मनेरगा कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन ने कहा है कि मनरेगाकर्मियों की हड़ताल अवधि में हुए समझौते आज आठ महीने बाद भी लागू नहीं हुए औऱ फिर वर्क प्रेशर शुरू करना उचित नहीं है । हमने पिछले वितीय वर्ष में भी लक्ष्य से ज्यादा काम किया मगर हमें कुछ नही मिला, उलटे हमारे लोगों की जब असामयिक मृत्यु होती है तो उन्हें एक फूटी कौड़ी नही मिलती है । सरकर काम करने वालो के भविष्य पर भी ध्यान दें केवल टारगेट नही थोपे । प्रदेश सचिव राजेश ने कहा कि जान गवां कर इस संक्रमण काल में काम करना मुश्किल है, सरकार को चाहिए कि मनरेगा कर्मियों को पर्याप्त सुविधा दे ताकि भय मुक्त काम किया जा सके।


