मनीष और उसके नेटवर्क पर 30 अभ्यर्थियों से लगभग 1.20 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है. वह पहले सरकारी डॉक्टर था, लेकिन नौकरी छोड़कर पटना में NEET-PG की तैयारी कर रहा था. EOU सूत्रों के मुस्ताबिक, डॉ. मनीष अपने सहयोगियों डॉ. शिव और डॉ. शुभम के साथ मिलकर पेपर लीक गिरोह ऑपरेट कर रहा था.
मनीष की गिरफ्तारी पेपर लीक के खिलाफ बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. मनीष और उसके गैंग पर आरोप है कि उन लोगों ने TRE पेपर लीक कांड में 15 मार्च 2024 की परीक्षा से पहले पटना के एक होटल में 30 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था.
संजीव मुखिया के बेटे का है करीबी
14 मार्च 2024 को स्थानीय पुलिस ने कोहिनूर होटल में छापेमारी भी की थी, लेकिन मनीष वहां से भाग निकला था. जांच में सामने आया कि डॉ. मनीष संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का करीबी दोस्त है.
EOU को PMCH और NMCH छात्रों के डेटा की जांच के दौरान डॉ. मनीष तक पहुंचने में मदद मिली. पूछताछ के दौरान होटल के सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से उनकी पहचान हुई. बता दें कि 2024 के BPSC TRE पेपर लीक मामले में अब तक 296 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.


