न्यूज डेस्क : बिहार राज्य में गंगा अब खतरनाक संकेत देने लगी है। बक्सर से लेकर कहलगांव तक हर जगह यह नदी लाल निशान से ऊपर चली गयी है। इसी के साथ पुनपुन और सोन दोनों का एक साथ बढ़ना खतरे को और बढ़ा रहा है। पटना में तीनों नदी लाल निशान से पार है। परेशानी यह है कि मंगलवार तक इन तीनों नदियों के और बढ़ने की आशंका है।
गंगा नदी बक्सर में सोमवार को 20 सेमी ऊपर चढ़ी और लाल निशान से 31 सेमी ऊपर चली गई। पटना के गांधी घाट पर यह नदी 13 सेमी ऊपर चढ़कर लाल निशान से 98 सेमी ऊपर चली गई है। दीघा घाट में 14 सेमी ऊपर चढ़कर लाल निशान से 41 सेमी ऊपर बहने लगी है। हाथीदह में 88, भागलपुर में 6 और कहलगांव में 91 सेमी लाल निशान से ऊपर बह रही है। इस नदी का जलस्तर मंगलवार तक सभी जगहों पर 10 से 20 सेमी और बढ़ने की आशंका है।
पटना के लिए खतरा यह है कि नीचे उतरने के बाद पुनपुन फिर से बढ़ने लगी है। पटना के श्रीपालपुर में यह नदी लाल निशान से 40 सेमी ऊपर चली गई। पिछले 24 घंटे में इस नदी का जलस्तर 41 सेमी बढ़ा और और मंगलवार तक 61 सेमी और बढ़ने की आशंका है। सोन भी मनेर में दो दिन से लाल निशान से ऊपर बह रही है। सोमवार को मनेर में यह नदी 33 सेमी लाल निशान से ऊपर है। कल तक 15 सेमी और बढ़ने की आशंका है। उधर कोसी नदी का डिस्चार्ज घटा है। कोसी नदी से बराह क्षेत्र में 98 हजार और बराज पर एक लाख 20 हजार घनसेक पानी मिल रहा है। यह नदी खगड़िया में अब भी लाल निशान से 120 सेमी ऊपर है। गंडक का डिस्चार्ज भी वाल्मीकिनगर बराज पर एक लाख 19 हजार घनसेक है। यह नदी गोपालगंज में लाल निशान से 40 सेमी ऊपर है।
सीमांचल और पूर्वी बिहार में भी भयावह स्थिति
भागलपुर। सीमांचल और पूर्वी बिहार में नदियों का बढ़ता जलस्तर अब भयावह होने लगा है। गंगा, कोसी, महानंदा आदि नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मुंगेर, कटिहार, भागलपुर आदि जिले में गंगा नदी का पानी कई गांवों में फैल गया है। नेपाल स्थित जल अधिग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कटिहार जिले में महानंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस नदी के जलसतर में सोमवार को 64 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। गंगा, कोसी, बरंडी और कारी कोसी नदी का भी जलस्तर बढ़ रहा है। इससे अमदाबाद, मनिहारी, बरारी, कुरसेला और मनसाही प्रखंड के करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों में गंगा का पानी फैल गया है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण तटबंध और स्पर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। कार्यपालक और अधीक्षण अभियंताओं के साथ-साथ कनीय और सहायक अभियंता को 24 घंटे स्पर की निगरानी करने का आदेश दिया गया है। फिलहाल स्पर और तटबंध सुरक्षित है। अभियंताओं के द्वारा चौकसी और निगरानी बरती जा रही है। वहीं अररिया जिले होकर बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर खतरे से नीचे बह रही है। नूना नदी के जलस्तर में भी कमी हुई है। लेकिन सिकटी प्रखंड के पड़रिया पंचायत के निचले इलाकों में अभी भी पानी फैला हुआ है। पूर्णिया में सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य है। किशनगंज में पोठिया में महानंदा और दिघलबैंक में कनकई नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
खगड़िया में गंगा व बूढ़ी गंडक नदियों में उफ़ान से नए इलाके में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। गंगा खतरे के निशान से मात्र 0.25 मीटर दूर है। गंगा में उफान से परबत्ता प्रखंड के छह पंचायतों में अफरातफरी मची है। वही कोसी व बागमती का लगातार जलस्तर घट रहा है। इधर बांका में चांदन नदी पर पुल ध्वस्त होने के बाद बनाया गया डायवर्जन फिर रविवार की रात पानी के तेज बहाव में दो जगह काट कर बह गया। इस कारण जिले के चार प्रखंडों से जिला मुख्यालय का संपर्क भंग हो गया है। मुंगेर जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सोमवार को शहर के लल्लू पोखर और चुआबाग में भी पानी फैल गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र बिंदटोली, जाफरनगर, कुतलूपुर का पूर्वी भाग, तौफिर घाट आदि जगहों में पानी फैल गया। यदि गंगा का जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रहा तो बरियारपुर से हवेली खड़गपुर का संपर्क भंग हो सकता है।
भागलपुर जिले में गंगा और कोसी नदी में पानी बढ़ने से नवगछिया के रंगरा प्रखंड के सधुआ, सहौड़ा, कोशकीपुर के कई घरों में बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं इस्माईलपुर के छह वार्डों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कहलगांव की भोलसर पंचायत, बिरबन्ना पंचायत के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। एनएच-80 के दोनों ओर पानी का फैलाव हो चुका है। जलस्तर में वृद्धि का यही रफ्तार रहा तो एक-दो दिनों में एनएच-80 पर पानी चढ़ जायेगा। सुल्तानगंज की गनगनियां पंचायत के कुछ वार्डों में पानी का प्रवेश होने लगा है। तिलकपुर पंचायत के वार्ड नंबर 2, 11 12, 13 में पानी बढ़ रहा है जबकि वार्ड 11 के कई घरों में पानी घुस गया है। महेशी पंचायत के पुरानी मोतीचक के निचले हिस्से के घरों में पानी का प्रवेश कर गया है। कल्याणपुर में पानी फैल जाने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है।


