न्यूज़ डेस्क : बिहार में पंचायत चुनाव एम-2 मॉडल ईवीएम से कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य में पहले से उपलब्ध एम-3 मॉडल ईवीएम का पंचायत चुनाव में उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है। आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने बताया कि ईवीएम से चुनाव कराए जाने के निर्णय के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए एम-2 मॉडल ईवीएम से ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जानकारी के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग पहले मेमोरी कार्ड युक्त मल्टी पोस्ट ईवीएम ( एम-3) से पंचायत चुनाव कराने को लेकर अड़ा था। इस ईवीएम में एक साथ सभी छह पदों के लिए चुनाव कराए जा सकते थे। इसमें एक चिप को ही चुनाव बाद निकालने और उसे सीलबंद करने की जरूरत होती है। एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बीयू को जोड़ा जा सकता था। शेष ईवीएम का उपयोग पुन: दूसरे स्थान पर चुनाव के लिए किया जा सकता है। लेकिन, भारत निर्वाचन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के बाद एम-2 मॉडल ईवीएम से ही पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।
चुनाव आयोग से इंजीनियरों को भेजने का अनुरोध
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि एम-2 मॉडल ईवीएम दूसरे राज्यों से जिलों में मंगाए जाने के बाद उसकी फर्स्ट लेवल जांच (एफएलसी) के लिए भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित कंपनियों के इंजीनियरों को भेजने का अनुरोध किया है। सभी मंगाए जाने वाले ईवीएम की जांच के बाद ही जिलों को चुनाव कराने के लिए सौंपा जाएगा। एम-2 मॉडल ईवीएम बनाने वाली कंपनियों के इंजीनियर बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट को जोड़कर चुनाव के लिए तैयार करेंगे।
आयोग के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दो लाख आठ हजार बैलेट यूनिट (बीयू) व एक लाख 88 हजार कंट्रोल यूनिट (सीयू) दूसरे राज्यों से मिलेगा। इसे लाने के लिए सभी जिलों में दंडाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गयी है।
विधानसभा चुनाव एम-3 मॉडल ईवीएम से हुआ था
राज्य में विधानसभा आम चुनाव एम-3 मॉडल ईवीएम से हुआ था। इस ईवीएम में उम्मीदवारों की संख्या 15 से अधिक होने पर अतिरिक्त बैलेट यूनिट जोड़ने व वीवीपैट को जोड़ने सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध थी। नए एम-3 ईवीएम पूर्व के मॉडल 2 ईवीएम से थोड़ा एडवांस है।


