संवाददाता -निरंजन कुमार, गया
गया। अस्पतालों में लोग इलाज कराने जाते हैं, लेकिन कर्मियों की लापरवाही से कितनों की जान भी चली जाती है। अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही मगध के सबसे बड़े अस्पताल मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में देखने को मिला।
नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के अंधरबारी गांव की रहने वाली महिला राखी देवी को एक्सपायरी डेट का स्लाइन चढ़ाया जा रहा है। महिला का सर में चोट लगा था जिसके बाद नवादा अस्पताल में भर्ती कराया जहां से बेहतर इलाज के लिए मंगलवार की सुबह उसे मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला की तबियत खराब देख तुरंत स्लाइन की बोतल लगा दी, लेकिन उसके परिवार को स्लाइन एक्सपायर होने का पता तब चला, जब स्लाइन बीच में रुक गया।
आखिर स्टोर तक पहुंची कैसे एक्सपायर स्लाइन
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल उठता है कि आखिर, किस प्रकार से इमरजेंसी स्टोर तक एक्सपायर स्लाइन पहुंची। कोई इसकी जांच नहीं करते हैं क्या? इसी प्रकार से अगर आगे भी ऐसा होता रहा तो किसी मरीज के जान के जिम्मेवार कौन होगें? साथ ही ये भी सवाल उठता है कि क्या अस्पताल में तैनात जीएनएम स्लाइन बनाने वाली कंपनियों से ज्यादा जानकारी रखती है? जो इस प्रकार से गैर जिम्मेदारा तरीके से कहती है कि जबतक स्लाइन का रंग नहीं बदले व फंफूदी ना हो तबतक स्लाइन एक्सपायर नहीं होता। क्या स्वास्थ्य विभाग जीएनएम को प्रशिक्षण तक नहीं देती?


