न्यूज़ डेस्क : बिहार के गया की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में आरोपित व फरार चल रहे सीनियर डीएसपी कमलकांत प्रसाद के मामले में उनकी पत्नी अनंत तनुजा ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है। मंगलवार दोपहर बाद वह जिला व्यवहार न्यायालय पहुंची और 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया।
कोर्ट में बयान दर्ज कराने से पूर्व उन्होंने बताया, 'इसी जिले की लड़की ने खुद अपनी आपबीती हमें 2017 में बताई थी। हमने इसके विरुद्ध आवाज भी उठाई थी और उस वक्त के महिला थाने में सूचना भी दी थी। तब डीएसपी ने अपने पावर का गलत इस्तेमाल करते हुए मामले को दबा दिया था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद पूरे मामले की लीपापोती करते हुए उस शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हालांकि, अब जब पूरी तरह से हमारे पास तमाम चीजें आ गईं तो हमने एक बार फिर से उस लड़की को न्याय दिलाने की मुहिम छेड़ी है। उसी मुहिम के तहत हम यहां अपना बयान दर्ज कराने आए हैं।
घटना के तीन वर्ष बीत जाने तक चुप्पी साधे रखने के सवाल पर डीएसपी की पत्नी ने बताया कि DSP अपने अधिकारों का हर जगह दुरुपयोग कर रहे थे। हर कोशिश को नाकाम करने पर आमादा हो गए थे, लेकिन अब उन्होंने ठान लिया है कि पीड़िता को न्याय दिला कर ही दम लेंगी।
उनके साथ आए पटना क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर हरेंद्र ने बताया कि संबंधित मामले में डीएसपी की पत्नी के बयान की भूमिका अहम है। इसलिए उन्हें गया कोर्ट लाया गया है। उन्होंने बताया कि डीएसपी कमलाकांत के खिलाफ पीड़िता के भाई ने मुकदमा करा रखा है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी का विभागीय फरमान जारी है। वह फरार चल रहे हैं।
संज्ञान में आने बाद सीआईडी की कमजोर वर्ग शाखा इस मामले की जांच कर रही है। आरोपित डीएसपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन भी कर दिया गया है। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की घटना उस समय की है, जब वर्ष 2017 में कमलाकांत गया पुलिस मुख्यालय में डीएसपी थे। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि आरोपित ने अपने सरकारी आवास में घटना को अंजाम दिया था।


