न्यूज़ डेस्क : बंदी अपने परिजनों का चेहरा देखने के लिए डेढ़ साल से तरस गए हैं। कोरोना की वजह से जेल प्रशासन के द्वारा मुलाकात ही बंद करवा दी गई है। सिर्फ वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग के जरिए ही परिजनों से बात करने की इजाजत कारा प्रशासन को दिया गया है। कारा से सही तरीके से वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग नहीं होने की वजह से कई बंदी अपने परिजनों से बात करने के लिए मुद्दत से इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय कारा में 18 सौ से अधिक बदी हैं, जिनमें 500 के सजायाफ्ता कैदी है। सजायाफ्ता कैदी पिछले कई सालों से जेल में बंद हैं और परिजनों से बात नहीं होने और मुलाकात नहीं होने की वजह से मानसिक रोग के भी शिकार होने लगे हैं। इनमें से कई ऐसे बंदी हैं जिन्हें गंभीर बीमारी है और कई बुजुर्ग कैदियों की स्थिति अच्छी नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाधा
बंदियों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसका संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को महज तीन ही बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परिजनों से बात करवाई गई। यह सिलसिला अमूमन प्रतिदिन का रहता है। किसी किसी दिन तो एक भी बंदी अपने परिजन से बात नहीं कर पाते हैं। यह व्यवस्था कारा प्रशासन के द्वारा जरूर की गई है लेकिन कुछ तकनीकी खामियों और सही समय पर परिजनों के द्वारा फोन नहीं किए जाने की वजह से वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग सुचारू रूप से नहीं हो पाता है। प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की रिपोर्ट बनाकर विभाग को भी भेजी जाती है।
89% बंदियों को लगा टीका उपाधीक्षक बोले 99 फीसदी
केंद्रीय कारा के 99 फीसदी बंदियों को कोरोना का टीका लगवा दिया गया है । इस आशय की पुष्टि केंद्रीय कारा उपाधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने किया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे कैदी को टीका नहीं लगाया गया है जो गंभीर बीमारी से पिछले कई माह से त्रस्त हैं और उनके उन्हें डॉक्टर के द्वारा हायर एंटीबायोटिक खाने की सलाह दी गई है। कारा उपाधीक्षक ने कोरोना की वजह से विशेष एहतियात भी जेल में बरती जा रही है । साफ-सफाई समेत अन्र्य ंबदुओं पर भी विशेष ध्यान दिए जा रहे हैं।
केन्द्रीय कारा अधीक्षक न फोन उठाते न कार्यालय आते
केंद्रीय कारा अधीक्षक के द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठने की वजह से भिन्न तरह की समस्याओं एवं अन्य काम को लेकर मिलने वाले बन्दी को दिक्कतें हो रही है। केंद्रीय कारा के एक कर्मचारी ने बताया कि अधीक्षक पिछले एक सप्ताह से कार्यालय में नहीं बैठ रहे हैं शुक्रवार को ही वे कार्यालय आए थे। न ही किसी का फोन रिसीव करना उचित समझते है।
केंद्रीय कारा प्रशासन को हर हाल में सरकार के द्वारा निर्धारित किए गए नियमों का पालन अक्षरश: करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परिजनों से बंदियों को बात सही तरीके से नहीं हो पाना गंभीर मसला है। मामले की जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
- मिथिलेश मिश्रा, कारा आईजी, पटना


